विष्णु सहस्रनाम · 108 दिन
रोज़ एक श्लोक, उसके नाम और उनका अर्थ। फिर वही श्लोक गाकर। 108 दिन बाद — पूरी माला, पूरे हज़ार नाम।
One verse a day: its names and what they mean, then the verse sung. After 108 days, the whole garland — all thousand names.
रोज़ क्या करना है
- 1 · सुनेंआज का छोटा सत्संग — श्लोक, उसके नाम, उनका अर्थ।
- 2 · गाएँआज का श्लोक एक बार ख़ुद गाइए। बस दस मिनट।
- 3 · मन हो तोपूरा पाठ, गाया हुआ — आँखें बंद करके, एक दीया जलाकर।
माला · 108 में से 35 दिन तैयार
हर मनका एक दिन — छूकर खोलें। सुनहरे मनके आपके पूरे हुए दिन हैं।
हर दिन
- दिन 1 वो दूर नहीं रात के दो बजे… कोई है?
- दिन 2 वो साथ है भगवान सब देख रहे हैं… फिर चुप क्यों?
- दिन 3 वो रास्ता बनाता है हर दरवाज़ा बंद लगे तो?
- दिन 4 चुनना नहीं पड़ता शिव को मानूँ या विष्णु को?
- दिन 5 जो शुरू नहीं हुआ, वो ख़त्म नहीं होता सब ख़त्म हो जाएगा?
- दिन 6 लगाम उसे सौंप दो मन बात नहीं मानता?
- दिन 7 सबसे प्यारा साँवला है किसी ने रंग पर कुछ कहा?
- दिन 8 साँस आपको सँभाले है घबराहट हो रही है?
- दिन 9 वो कुछ नहीं भूलता किसी ने कद्र नहीं की?
- दिन 10 एक नाम बचता है सब साथ छोड़ गए?
- दिन 11 एक है जो नहीं बदलता भरोसे वाला बदल गया?
- दिन 12 वो सबके लिए एक-से हैं किसी को ज़्यादा, किसी को कम?
- दिन 13 आँसू भी पूजा हैं रोने पर शर्म आती है?
- दिन 14 वो यहीं हैं भगवान बहुत दूर लगते हैं?
- दिन 15 वो जाना-पहचाना रूप लेते हैं कुछ बहुत बड़ा, डरावना सामने है?
- दिन 16 सहने वाला ही जीतता है किसी ने बेवजह चोट पहुँचाई?
- दिन 17 सच पर टिको, वो पास हैं वादा निभाना महँगा पड़ रहा है?
- दिन 18 भगवान भी एक वैद्य हैं बीमारी से थक गए हैं?
- दिन 19 पहाड़ नहीं गिरेगा मुसीबतों की बारिश थमती नहीं?
- दिन 20 वो हँसकर माफ़ कर देते हैं ग़लती के बाद सामने जाने में शर्म?
- दिन 21 भीतर जो है, वो छिनता नहीं मैं कौन हूँ?
- दिन 22 कोशिश का भी पुण्य है अपनों से बात बंद?
- दिन 23 भगवान भी गुरु के आगे झुके जिसने सिखाया, उसे शुक्रिया कहा?
- दिन 24 हज़ार आँखें आप पर हैं कोई मेरी सुनता नहीं?
- दिन 25 ज़मीन थमी हुई है सब डूब रहा है?
- दिन 26 रास्ता हमेशा बचा है बहुत ग़लत किया है?
- दिन 27 आप नम्बर नहीं हैं करोड़ों में मेरी क्या गिनती?
- दिन 28 धर्म एक पाँव पर खड़ा है सच्चाई का ज़माना नहीं रहा?
- दिन 29 ज़रूरत उनकी ज़िम्मेदारी पैसों की तंगी?
- दिन 30 नाम ही मंत्र है कौन-सा मंत्र जपूँ?
- दिन 31 रोज़ एक पत्थर बीच में समुद्र-सा फ़ासला?
- दिन 32 माँगिए, बिना शर्म के भगवान से माँगना ग़लत है?
- दिन 33 घमण्ड हटा, तो दिख गए भगवान दिखते क्यों नहीं?
- दिन 34 सौ बार थामे रखा ग़ुस्सा, फिर पछतावा?
- दिन 35 वो ऊँघते नहीं, भूलते नहीं भगवान ने मुझे भुला दिया?