सिद्धि ट्रांसफर कैसे होती है — किन शक्तियों का स्थानांतरण होता है, असल में क्या दिया जाता है, और खरीदी हुई शक्ति चुप क्यों हो जाती है

वक्ता समझाते हैं कि शक्ति या सिद्धि का स्थानांतरण असल में क्या है: किन शक्तियों का हो सकता है, साधक उन्हें कैसे तैयार करता है, पैसे लेकर किया गया ट्रांसफर सिर्फ भोग-भेंट और एक शब्द सीमित समय के लिए क्यों देता है, और स्पर्श शक्तियों से खरीदने वालों को कैसे फँसाया जाता है।

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01

क्या शक्ति या सिद्धि का ट्रांसफर सच में संभव है?

केवल निम्न शक्तियाँ जाती हैं; उच्च शक्तियाँ शक्तिपात से

· Reviewed Sep 14, 2026 · 01:17–03:20 · Also a question

यह पूछे जाने पर कि क्या ऊर्जा ट्रांसफर संभव है, वक्ता कहते हैं कि हाँ, बिल्कुल संभव है — लेकिन केवल निम्न स्तर की शक्तियों का। उच्च शक्तियों का स्थानांतरण नहीं होता; वे शक्तिपात के माध्यम से दी जाती हैं, और शक्तिपात तथा ऊर्जा स्थानांतरण में ज़मीन-आसमान का अंतर है।

02

किन शक्तियों का ट्रांसफर हो सकता है?

केवल पृथ्वी से जुड़े भूत, प्रेत, मशान; परी, अप्सरा, यक्षिणी, योगिनी नहीं

· Reviewed Sep 14, 2026 · 03:21–04:09 · Also a question

वक्ता कहते हैं कि केवल इस पृथ्वी के क्षेत्रों से जुड़ी साधारण स्तर की शक्तियों — भूत, प्रेत, मसान — का ही स्थानांतरण एक साधक कर सकता है। परी का स्थानांतरण नहीं होता, न अप्सरा, यक्षिणी या योगिनी का; जो ऐसा मानता है वह गलतफहमी में है। श्मशानिक शक्तियों का स्थानांतरण हो सकता है, लेकिन उसके बहुत सारे नियम हैं।

03

ट्रांसफर से पहले साधक किसी प्रेत को कैसे बाँधता और तैयार करता है

बंधन, अपनी सिद्धि के नीचे चेतन करना, यात्रा योग्य बनाना

· Reviewed Sep 14, 2026 · 04:10–05:10

वक्ता प्रक्रिया बताते हैं: साधक पहले ऐसी आत्मा को बंधन में लेता है जिसकी दो-चार साल पहले काल मृत्यु हुई हो और जो भटक रही हो, उसे अपनी सिद्धि के नीचे चेतन करता है, उसे इतना प्रबल बनाता है कि वह एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र जा सके (जो कोई शक्ति अपने आप नहीं कर सकती), और फिर उस पर नियंत्रण स्थापित करके उसे अपनी शक्तियों में सम्मिलित कर लेता है।

04

पैसे लेकर किए गए शक्ति ट्रांसफर में वास्तव में क्या दिया जाता है

भोग-भेंट और एक शब्द, पूरी सिद्धि कभी नहीं

· Reviewed Sep 14, 2026 · 05:11–06:02

वक्ता कहते हैं कि जब शक्ति ट्रांसफर की जाती है तो साधक उसे अपने स्थान पर बुलाकर सिर्फ भोग-भेंट और एक साधारण शब्द — सावर मंत्र इत्यादि — पर दे देता है। वह अपनी की हुई पूरी सिद्धि कभी नहीं देता, और कोई साधक ऐसा करेगा भी नहीं: वह विद्या वर्षों की मेहनत और जन्म-जन्म के पुण्यों की कमाई है, और वह उसका रोज़गार नहीं है, इसलिए वह उसे पैसे से कभी नहीं देगा।

05

खरीदी हुई शक्ति कुछ महीनों बाद जवाब देना क्यों बंद कर देती है

देने वाला वापस बुला लेता है, खरीदार को दोष देता है, फिर पैसा लेता है

· Reviewed Sep 14, 2026 · 06:03–07:42

वक्ता कहते हैं कि व्यक्ति ₹51,000 या ₹1,00,000 देता है, उसे कहा जाता है "मैंने आपको भैरव दे दिया", वह शब्द लेकर घर आता है, और बताई गई विधि से पूछने पर शक्ति जवाब भी देती है। छह महीने या साल भर काम करती है — फिर जिस साधक ने दी थी वह अपनी शक्तियों से उसे वापस बुला लेता है और जवाब बंद हो जाता है। तब खरीदार कहता है "किसी ने मेरी शक्ति बाँध दी", पर कोई बंधन नहीं हुआ; देने वाले ने बस वापस खींच ली। वह यह कभी नहीं मानेगा — तुम्हारी किसी गलती को कारण बताएगा और दोबारा देने के लिए फिर पैसा लेगा — इसलिए व्यक्ति कभी स्वतंत्र नहीं हो पाता। यही, वक्ता कहते हैं, 95% मामलों की वास्तविकता है; जो 5% पूरे विधि-विधान से होता है वह क्षेत्र ही अलग है।

06

सच्चा शक्ति स्थानांतरण केवल दीक्षित शिष्य को होता है, खरीदार को कभी नहीं

कोई दुकान नहीं, ₹11,000 या ₹21,000 में कोई सेल नहीं

· Reviewed Sep 14, 2026 · 07:43–08:13

वक्ता कहते हैं कि जो सही तरीके से स्थानांतरण करते हैं वे केवल अपने शिष्यों को देते हैं — जो उनकी गुरु परंपरा में दीक्षित हों — और वह भी तभी जब किसी कारणवश देना पड़े या इच्छा से दें। वे हर किसी को ऐसे नहीं देते जैसे दुकान या सेल लगी हो: "आइए, ₹11,000 या ₹21,000 में ले जाइए"। ऐसा, वे कहते हैं, नहीं होता।

07

क्या एक ट्रांसफर की हुई शक्ति एक साथ दस जगह प्रकट हो सकती है?

प्रेत सिर्फ माया-भ्रम बनाता है; कई शक्तियों की चौकी अलग बात है

· Reviewed Sep 14, 2026 · 08:14–10:00 · Also a question

वक्ता कहते हैं कि इस प्रकार की शक्ति इतनी उच्च नहीं होती कि एक ही आत्मा, एक ही प्रेत को दस जगह प्रकट कर दिया जाए — यह संभव नहीं है, और ऐसा कहकर सिर्फ लोगों को बेवकूफ बनाया जाता है। एक शक्ति दस जगह जा सकती है, पर प्रेत या मसानिक शक्ति में दस जगह एक साथ प्रकट होने की क्षमता नहीं होती; अधिक से अधिक वह माया और भ्रम बनाती है। 10–15 अलग-अलग मसानिक शक्तियों वाली चौकी, जिसमें हर एक अपने भोग-पिंड से सिद्ध की गई हो, अलग बात है।

08

सच्चा शक्ति स्थानांतरण कैसे होता है और क्यों बना है

जो साधक अब सेवा नहीं कर सकता; पूरी चौकी से पहले टेस्ट ड्राइव

· Reviewed Sep 14, 2026 · 10:01–11:39

वक्ता कहते हैं कि ऊर्जा स्थानांतरण बेचने के लिए नहीं बनाया गया; वह किसी कारणवश बना है। जिस साधक ने कोई मसानिक शक्ति जगाई और उससे बहुत भला किया, हो सकता है उसका शरीर या पारिवारिक ज़िम्मेदारियाँ अब उसे सेवा, पूजा और भोग-भेंट देने न दें, और वह स्वतंत्र रूप से उसका विसर्जन भी न कर सके। तब वह उस शक्ति को अपने शिष्य, मित्र या किसी सक्षम साधक को देता है जो हृदय से, जन-कल्याण की भावना से उसे लेना चाहता हो। पूर्ण हस्तांतरण से पहले एक टेस्ट ड्राइव होता है: शक्ति एक, दो या तीन पक्ष के लिए भोग-भेंट पर दी जाती है; जब लेने वाला सक्षम सिद्ध होता है और शक्ति स्वयं कहती है कि मैं इसके साथ रहूँगा और इससे सेवा-पूजा लूँगा, तब पूरी प्रक्रिया से पूरी चौकी का स्थानांतरण होता है। जिसके पास सच में ऐसी शक्तियाँ होतीं, वे जोड़ते हैं, वह उन्हें बाँट नहीं रहा होता।

09

जिसने सच में यक्षिणी सिद्ध की हो, वह उसे कभी नहीं बेचेगा

स्वर्ण प्रभा यक्षिणी ट्रांसफर के दावे

· Reviewed Sep 14, 2026 · 11:40–12:23

वक्ता उन लोगों की ओर इशारा करते हैं जो स्वर्ण प्रभा यक्षिणी "बाँट" रहे हैं और पूछते हैं कि क्या उन्होंने कभी सुना या देखा भी है कि वह शक्ति क्या है, या एक साधारण यक्षिणी क्या कर सकती है। वे कहते हैं कि एक यक्षिणी भी सिद्ध कर लेने पर आपमें इतनी क्षमता और इतनी समृद्ध शक्ति आ जाती है कि उसे बाँटकर पैसा कमाने की आवश्यकता ही नहीं रहती। तो क्यों बाँट रहे हो, क्यों पैसा ले रहे हो? यह सिर्फ खरीदने वालों की बेवकूफी है, वे कहते हैं, जिससे लोग वहाँ लुट रहे हैं।

10

स्पर्श शक्ति: आशीर्वाद का स्पर्श जो लोगों को साधक के वश में कर देता है

अहिरावण-महिरावण का वचन, बगला साधक का ₹500 वाला स्पर्श, और शक्ति माँगने वालों का फँसना

· Reviewed Sep 14, 2026 · 12:24–14:39

वक्ता कहते हैं कि कुछ साधक, जिनमें अच्छे ब्राह्मण वर्ण के साधक भी हैं, ऐसी शक्तियाँ सिद्ध करके रखते हैं कि आशीर्वाद के नाम पर सिर्फ स्पर्श कर देने से वह शक्ति आप पर चल जाती है, चाहे आपने कोई भी सिद्धि की हो। वे इसकी तुलना अहिरावण-महिरावण से करते हैं, जिनकी देवी के वरदान से ब्रह्मा, विष्णु, महेश और त्रिलोक की हर शक्ति उनकी वाणी के वश में थी — सिर्फ एक वानर, हनुमान, नहीं, जिन्होंने इसीलिए उनका अंत किया। ऐसी एक-कार्य वाली शक्तियाँ हर प्रकार की शक्ति को बाँधती हैं और सिर्फ वही एक काम करती हैं: स्पर्श मात्र से आप या तो साधक के वश में हो जाते हैं या स्वयं पैसा निकालकर उसे दे देते हैं। अपने जीवन से वे एक बहुत अच्छे बगला साधक को याद करते हैं जिनके स्पर्श से हर प्रणाम करने वाला ₹500 या जितना उसके पास हो दे देता था, भले बदले में कुछ न मिले। साधक ठीक इसी प्रकार की शक्ति उन लोगों पर चलाते हैं जो "मुझे फलानी शक्ति दे दो" कहकर आते हैं, और वे इसी तरह ठगे जाते हैं।

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यह जानकारी एक सार्वजनिक बाहरी स्रोत (यूट्यूब वीडियो, लेखक गृहस्थ तंत्र) से सीखी गई हमारी टिप्पणियाँ हैं। OccultGuide इस ज्ञान या इन प्रथाओं की न तो पुष्टि करता है और न ही इनका मूल स्रोत है।

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