दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र अनुष्ठान — दरिद्रता के दहन की मास भर की विधि

नाग केसर और शिव स्तोत्र का मास भर का प्रयोग, जो दरिद्रता और रोग से मुक्ति दिलाने वाला कहा गया है।

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दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र अनुष्ठान: उद्देश्य, आरंभ का दिन और पाठ का समय

सिद्धि की आवश्यकता नहीं; शिवरात्रि या प्रदोष से लगातार पाठ

· Reviewed Sep 14, 2026 · 00:06–01:17

वक्ता कहते हैं कि जब दरिद्रता घर कर जाती है तो परिवार अन्न, धन, वस्त्र ही नहीं, छोटी से छोटी इच्छा की पूर्ति के लिए भी तरसता है और गृह स्वामी दैनिक जीवन के साधन भी पूरे नहीं कर पाता; इस दारिद्र्य के दहन के लिए वे भगवान सदाशिव के दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र की साधना और अनुष्ठान बताते हैं। इसे किसी भी महीने की मासिक शिवरात्रि या प्रदोष से आरंभ किया जा सकता है, और महाशिवरात्रि का संयोग मिल जाए तो अति उत्तम है। इस स्तोत्र को पहले सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं — बस लगातार पाठ करना है — हालांकि साथ में एक विधान करने से यह जल्दी प्रभाव देने लगता है। पाठ मुख्यतः दो समय होता है: सुबह 8 बजे से पहले, या शाम को गोधूलि बेला में, प्रदोष काल के आसपास।

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दारिद्र्य दहन शिव स्तोत्र अनुष्ठान का मास भर का नाग केसर विधान

संकल्प, मुट्ठी भर नाग केसर, मंदिर में अर्पण, दाने धन के स्थान पर, समापन पर गौ भोजन

· Reviewed Sep 14, 2026 · 01:18–05:23

वक्ता का दैनिक विधान: घर का दैनिक पूजन पूर्ण करें, सदाशिव से संकल्प लें कि घर-परिवार की दरिद्रता समाप्त हो और धन-धान्य की वृद्धि हो — रोग और दुख की मुक्ति भी जोड़ें, क्योंकि रोग भी एक प्रकार की दरिद्रता है — फिर आसन पर बैठकर एक मुट्ठी नाग केसर हाथ में रखकर दारिद्र्य दहन स्तोत्र का कम से कम 8, उत्तम 16 बार पाठ करें और नाग केसर पीले कपड़े या थैली में गांठ लगाकर रखें। फिर थोड़ी मिश्री डला जल का लोटा (संभव हो तो दूध भी), घी के दो दीपक, पुष्प और बिल्व पत्र लेकर, जिस घर में रहते हैं — किराए का ही क्यों न हो — उसकी चौखट को लोटे से स्पर्श कराकर शिव मंदिर जाएं: दोनों दीपक जलाएं, अभिषेक और श्रृंगार करें, गणपति, गौरी, नंदी और स्कंद पर जल की धार दें (गणपति को दूर्वा, बाकी को बिल्व पत्र और पुष्प, शमी पत्र मिले तो शिवलिंग पर), पोटली खोलकर कामना दोहराएं और पूरा नाग केसर शिवलिंग पर चढ़ा दें। दो-तीन दाने उठाकर घर लाएं और धन रखने के स्थान पर रखें; वही कपड़ा प्रतिदिन प्रयोग होता है। यह शिवरात्रि से अगले महीने की मासिक शिवरात्रि तक — पूरे एक मास (जैसे फाल्गुन महाशिवरात्रि से चैत्र की मासिक शिवरात्रि) — प्रतिदिन चलता है, और अंतिम दिन यथाशक्ति गौ वंश को भोजन कराया जाता है, ₹100 का ही सही, आवारा पशु को हो तो अति उत्तम।

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गंभीर रोग या अभिचार बाधा में दारिद्र्य दहन प्रयोग में बिल्व गिरी

दूसरा प्रयोग: प्रतिदिन एक बिल्व गिरी, शिवलिंग पर छोड़ दी जाती है

· Reviewed Sep 14, 2026 · 05:24–06:28

वक्ता दूसरा प्रयोग बताते हैं जब रोग बहुत अधिक हो और बिल्कुल पीछा न छोड़ रहा हो, घर में सभी को कुछ न कुछ कष्ट हो — और तब भी जब धन की समस्या के साथ अभिचारिक बाधा हो। इसमें बिल्व वृक्ष का सूखा गोंद — बेल गोंद या बिल्व गिरी, जो पूजन की दुकान पर मिलता है — प्रयोग होता है: प्रतिदिन एक, नाग केसर के साथ। बस इतना अंतर है कि नाग केसर मुट्ठी में लेते समय एक बिल्व गिरी भी लें, कपड़े पर रखें और मंदिर ले जाएं; नाग केसर की तरह इसे वापस नहीं लाना — शिवलिंग पर चढ़ाकर वहीं छोड़ देना है, और रोग से मुक्ति की कामना करनी है।

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दारिद्र्य दहन अनुष्ठान के अभिषेक में महामृत्युंजय 108 नामावली

बड़े लोटे से पतली धार, या मंदिर और घर के जल से भरा जलहरी का लोटा

· Reviewed Sep 14, 2026 · 06:29–07:14

वक्ता कहते हैं कि संभव हो तो दारिद्र्य दहन पाठ के साथ मंदिर में महामृत्युंजय महादेव की 108 नामावली का पाठ करते हुए शिव जी का अभिषेक करें: थोड़ा बड़ा लोटा लें, पहले शिवलिंग के आगे दोनों दीपक प्रज्वलित करें, फिर पतली धार से जल देते हुए 108 नाम पढ़ें — आसान है, वे कहते हैं, कर सकते हैं। या फिर शिवलिंग के ऊपर टंगी जलहरी के छिद्र वाले लोटे को मंदिर के जल की बाल्टी और घर से लाए जल से भर दें और फिर पाठ करें। यह भी करेंगे, वे कहते हैं, तो भगवान शिव बहुत जल्दी सुनेंगे।

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सावधानी: दारिद्र्य दहन प्रयोग सुबह उत्तम, क्योंकि कई मंदिर शाम को अभिषेक नहीं करने देते

जल न चढ़ाने दें तो दीपक और नाग केसर ही पर्याप्त

· Reviewed Sep 14, 2026 · 07:15–07:43

वक्ता कहते हैं कि यह काम सुबह करें तो अति उत्तम, क्योंकि शाम के समय बहुत से मंदिरों में अभिषेक नहीं करने दिया जाता। ऐसी स्थिति में भी जाकर दीप प्रज्वलित करके नाग केसर और बिल्व गिरी चढ़ाकर आ सकते हैं; जल भी न चढ़ाने दें तो कोई बात नहीं। सुविधा अनुसार मास भर यह प्रयोग करें और महादेव से निवेदन करें, वे कहते हैं: वे शीघ्र सुनेंगे, कामना पूर्ण करेंगे, धन प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होगा, और व्यक्ति व उसके परिवार की दरिद्रता से अवश्य मुक्ति होगी।

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यह जानकारी एक सार्वजनिक बाहरी स्रोत (यूट्यूब वीडियो, लेखक गृहस्थ तंत्र) से सीखी गई हमारी टिप्पणियाँ हैं। OccultGuide इस ज्ञान या इन प्रथाओं की न तो पुष्टि करता है और न ही इनका मूल स्रोत है।

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