सप्तशती उत्कीलन की दूसरी विधि, और इसे सब क्यों नहीं कर सकते
मारीच कल्प शाप विमोचन और सप्तशती उत्कीलन का अधिकार।
2 notes, in the order they are taught. Jump to any one.
मारीच कल्प के अनुसार दुर्गा सप्तशती का शाप विमोचन मंत्र
देवी कवच से पहले एक माला, केवल आरंभ में
वक्ता दुर्गा सप्तशती के उत्कीलन (खोलने) की दूसरी विधि बताते हैं: मारीच कल्प के अनुसार शाप विमोचन मंत्र, जो स्क्रीन पर लिखा दिखाया गया है, जिसका एक माला यानी 108 बार जप देवी कवच से पहले करना है, और केवल पाठ के आरंभ में, अंत में फिर कभी नहीं। वे यह भी कहते हैं कि प्रथम अध्याय से पहले होने वाले नवार्ण जप के बाद उत्कीलन का प्रयोग नहीं करना है। यह विधि वे केवल उन शाक्त दीक्षित साधकों के लिए बताते हैं जिन्हें गुरु की आज्ञा मिली हो।
पिछले वीडियो में दुर्गा सप्तशती के उत्कीलन (खोलने) की एक विधि दिखाने के बाद वक्ता दूसरी विधि बताते हैं। स्क्रीन पर लिखा है: मारीच कल्प के अनुसार सप्तशती शाप विमोचन का मंत्र यह है। मंत्र केवल स्क्रीन पर दिखाया गया है, बोला नहीं गया। कितना और कब: एक माला, यानी 108 जप। यह देवी कवच से पहले किया जाता है। वे ज़ोर देकर कहते हैं कि प्रथम अध्याय से पहले होने वाले नवार्ण मंत्र जप के बाद उत्कीलन का प्रयोग नहीं करना है। वे बताते हैं कि बार-बार कहा जाता है कि सप्तशती के छह अंग हैं और उन अंगों से पहले और बाद में जप होता है; पर इस मंत्र का जप केवल आरंभ में होता है, बाद में नहीं, और वे कहते हैं कि यह बात लिखी भी हुई है। कौन करे: केवल शाक्त दीक्षित (शाक्तउस परंपरा से संबंधित जो शक्ति को परम तत्त्व मानती है। दीक्षा) साधक जिसे गुरु की आज्ञा मिली हो, जैसा वे इसी वीडियो में विस्तार से समझाते हैं; वे कहते हैं कि स्त्रियाँ और अदीक्षित लोग इसे न करें।
दुर्गा सप्तशती का उत्कीलन कौन कर सकता है, और अदीक्षित के लिए खतरा
उत्कीलित कुल शक्ति को संतुष्ट करना आवश्यक
वक्ता कहते हैं कि दुर्गा सप्तशती के उत्कीलन मंत्र — मारीच कल्प की शाप विमोचन विधि भी और पहले बताई तीन मंत्रों वाली विधि (मृत संजीवनी उत्कीलन, शाप अनुग्रह मंत्र आदि) भी — केवल शाक्त दीक्षित साधक गुरु की आज्ञा से करें, या वे पुरुष जो यज्ञोपवीत धारण करते हैं और दीक्षित हैं; स्त्री केवल अपने पति के साथ, या यदि उन्हें गुरु कृपा प्राप्त हो चुकी हो। उत्कीलन से कुल परंपरा में पूजित देवी या योगिनी भी उत्कीलित होती हैं, जो पाठ का फल पाती हैं और उसे भगवती तक पहुँचाती हैं। अदीक्षित या स्त्रियाँ अपने से करें तो संभावना है — 100% नहीं — कि यह उत्कीलित कुल शक्ति उन्हें परेशान करे, उच्चाटन जैसी बेचैनी हो, क्योंकि जो खोलता है उसे अर्चन-तर्पण से संतुष्ट करने की विधि आनी चाहिए, जो गुरु परंपरा से ही मिलती है।
वक्ता यह प्रश्न उठाते हैं कि क्या स्त्रियों को दुर्गा सप्तशती के उत्कीलन मंत्रों का जप करना चाहिए। उनका उत्तर: उत्कीलन मंत्र का जप तभी करें जब आप शाक्तउस परंपरा से संबंधित जो शक्ति को परम तत्त्व मानती है। दीक्षित हों और गुरु से आज्ञा मिली हो। जो पुरुष यज्ञोपवीतवैदिक कर्मों में दीक्षा का प्रतीक यज्ञोपवीत (जनेऊ) संस्कार — पीढ़ियों तक न होने पर, इसे पुनः आरंभ करने से पहले हर ज्ञात पीढ़ी के लिए प्रायश्चित आवश्यक है। आदि धारण करके करते हैं, वे करें। उनका कारण: उत्कीलन के बाद, अगर आपकी कुल परंपरा में कोई देवी या योगिनी पूजित हैं और उनका स्थान है, तो वे भी उत्कीलित होती हैं, क्योंकि सारे पूजन-पाठ का फल वही प्राप्त करती हैं और उसी पूजा को भगवती तक पहुँचाती हैं। जो बिना अधिकार के — शाक्त दीक्षित नहीं, गुरु की आज्ञा नहीं — इन मंत्रों का पाठ कर लें, तो संभावना है, 100% नहीं, कि कुल परंपरा की उत्कीलित कुल शक्ति उन्हें परेशान भी करे। उच्चाटन जैसी अवस्था बन सकती है: लगेगा कि कोई आपको बार-बार इधर-उधर बुला रहा है। ऐसा इसलिए होता है कि जब आप कुछ खोलते हैं तो उसे संतुष्ट करने की विधि भी आनी चाहिए — उनका अर्चन और तर्पण कैसे करें — और यह सारी विधि गुरु परंपरा से आपके गुरु ही बताते हैं। इसलिए, वे स्पष्ट कहते हैं, अदीक्षित लोग यह विधि न करें, और स्त्रियाँ भी न करें। वे मानते हैं कि यह लिखित, प्रामाणिक रूप में कहीं नहीं मिलेगा; अगर लोग बहस करें और उन्हें मूर्ख कहें कि वे भगवती की भक्ति रोक रहे हैं, तो वह उनकी इच्छा है। वे वही बता रहे हैं जो इस मार्ग में गुरु आदेश से देखा-सुना-जाना है, ताकि किसी के साथ कोई अप्रिय घटना न हो। क्या करना चाहिए: पहले बताई विधि और यह दूसरी विधि, दोनों दीक्षित शाक्त साधक करें, या कोई भी दीक्षित जिसका जनेऊ हो गया हो; स्त्री अपने पति के साथ, या जिसे गुरु कृपा प्राप्त हो चुकी हो। पहली विधि के तीन मंत्र — मृत संजीवनी उत्कीलन, शाप अनुग्रह मंत्र आदि — भी केवल दीक्षित के लिए हैं। अदीक्षित लोग किन मंत्रों का प्रयोग करें, यह वे अलग वीडियो में बताएँगे।
यह जानकारी एक सार्वजनिक बाहरी स्रोत (यूट्यूब वीडियो, लेखक गृहस्थ तंत्र) से सीखी गई हमारी टिप्पणियाँ हैं। OccultGuide इस ज्ञान या इन प्रथाओं की न तो पुष्टि करता है और न ही इनका मूल स्रोत है।