कार्तिक मास में पाप से मुक्ति के सात कार्य

कार्तिक मास में बाधाओं और पापों के शमन के लिए करने योग्य सात कार्य।

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01

कार्तिक मास में भोर का स्नान

सूर्योदय से पूर्व तारों की छाँव में स्नान, और जहाँ नदी तक पहुँचा जा सके वहाँ बहते जल में

· Reviewed Sep 2026 · 00:22–00:52

वक्ता कहते हैं कि सूर्योदय से पूर्व, भोर के अँधेरे में जब तारे अभी दिखाई दे रहे हों, तब किया गया स्नान पूरे कार्तिक मास का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है।

02

कार्तिक मास में मंत्र जप और सवा लाख का अनुष्ठान

स्नान के तुरंत बाद जलते दीपक के सम्मुख गुरु-प्रदत्त मंत्र का जप, और पूरे मास में सवा लाख का अनुष्ठान

· Reviewed Sep 2026 · 00:53–01:29

वक्ता कहते हैं कि स्नान के पश्चात पूजन कक्ष में देवी-देवताओं के निमित्त दीपक जलाकर उसके सम्मुख बैठना चाहिए; यदि गुरु से दीक्षा में मंत्र प्राप्त हुआ है तो उस मंत्र का यथाशक्ति जप करना चाहिए, भले ही अन्य मासों में जप न चलता हो।

03

कार्तिक मास में तुलसी की नित्य सेवा

प्रतिदिन प्रातः भगवती तुलसी को जल और संध्या को उनके सम्मुख दीप

· Reviewed Sep 2026 · 01:30–01:41

वक्ता कहते हैं कि पूरे कार्तिक मास में प्रातःकाल भगवती तुलसी को जल देना और संध्या के समय उनके सम्मुख दीप प्रज्वलित करना चाहिए।

वक्ता कहते हैं कि पूरे कार्तिक मास का तीसरा प्रमुख कार्य भगवती तुलसी के निमित्त सेवा है। वे कहते हैं कि इस मास में प्रातःकाल जल देना और संध्या के समय तुलसी जी के सम्मुख दीप प्रज्वलित करना अति आवश्यक होता है।

04

कार्तिक मास में घर के महत्वपूर्ण स्थानों पर दीपदान

कार्तिक मास में दीपदान के लिए दीपक किन-किन स्थानों पर जलाने चाहिए?

· Reviewed Sep 2026 · 01:42–03:04 · Also a question

वक्ता कहते हैं कि कार्तिक मास में दीपदान (दीपदान) केवल देवताओं के निमित्त ही नहीं, बल्कि अन्न के भंडार, धन रखने के स्थान, ओखल-मूसल और सिलबट्टे, जल रखने के स्थान, घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर, तथा तुलसी, शमी, बिल्व या आम के वृक्ष के पास भी करना चाहिए।

05

कार्तिक मास में सात्विक वैष्णव भोजन

कार्तिक मास में कैसा भोजन करना चाहिए?

· Reviewed Sep 2026 · 03:05–03:30 · Also a question

वक्ता कहते हैं कि कार्तिक मास में पूर्ण रूप से सात्विक भोजन ही करना चाहिए, लहसुन-प्याज का पूरी तरह त्याग कर देना चाहिए और मांसाहार से पूर्णतः बचना चाहिए, तभी मास में किए गए अन्य कार्यों का पूरा फल प्राप्त होता है।

06

कार्तिक मास में साप्ताहिक दान और अन्नदान

सप्ताह का एक निश्चित दिन दान के लिए, जिसमें अन्नदान और किसी की विशेष आवश्यकता पूरी करना श्रेष्ठ है

· Reviewed Sep 2026 · 03:31–04:05

वक्ता कहते हैं कि वे प्रतिदिन दान करने को नहीं कह रहे; इसके स्थान पर सप्ताह का कोई एक दिन चुनकर उसी दिन सदैव दान किया जा सकता है, और इसमें अन्नदान अथवा किसी व्यक्ति को उसकी विशेष आवश्यकता की वस्तु से सहायता करना सर्वश्रेष्ठ रूप माने गए हैं।

07

सेवा द्वारा पाप का क्षय और प्रारब्ध का नाश

प्राणी मात्र की सेवा उन पापों को क्यों नष्ट कर सकती है जिन्हें पूजन-पाठ और जप नहीं कर पाते?

· Reviewed Sep 2026 · 04:06–05:04 · Also a question

वक्ता कहते हैं कि कार्तिक मास में किसी जरूरतमंद की सहायता करने से प्राप्त पुण्य अनेक पापों का क्षय करने में समर्थ होता है, और प्राणी मात्र की सेवा से मिले आशीर्वाद से वे पाप भी नष्ट हो जाते हैं जिन्हें पूजन, पाठ और जप अकेले नष्ट नहीं कर सकते; वे जोड़ते हैं कि प्रारब्ध के कुछ फल केवल इसी प्रकार, किसी अन्य प्राणी की सेवा और संतुष्टि से ही भोगकर समाप्त होते हैं।

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यह जानकारी एक सार्वजनिक बाहरी स्रोत (यूट्यूब वीडियो, लेखक गृहस्थ तंत्र) से सीखी गई हमारी टिप्पणियाँ हैं। OccultGuide इस ज्ञान या इन प्रथाओं की न तो पुष्टि करता है और न ही इनका मूल स्रोत है।

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