कल्पावसाने निखिलैः सुरैः स्वैः संघट्टयामास निमेषमात्रात् ॥
यस्तेजसा स्वेन ददाह भीमो विष्ण्वात्मकं तं तुरगं भजामः ॥ १० ॥
kalpāvasāne nikhilaiḥ suraiḥ svaiḥ saṃghaṭṭayāmāsa nimeṣamātrāt
yastejasā svena dadāha bhīmo viṣṇvātmakaṃ taṃ turagaṃ bhajāmaḥ
कल्प-अवसाने निखिलैः सुरैः स्वैःसंघट्टयामास निमेष-मात्रात्यः तेजसा स्वेन ददाह भीमःविष्णु-आत्मकम् तम् तुरगम् भजामः
हिन्दी अर्थ
हम विष्णु-रूप उस तुरग को भजते हैं, जिस भयंकर ने कल्प के अन्त में अपने सब देवों सहित निमेष-मात्र में सब कुछ संहत करके अपने तेज से जला दिया।
English sense
We worship that Horse who is Viṣṇu himself, who, terrible, at the end of the kalpa with all his own gods crushed the world together in the space of a wink and burned it with his own fire.
पदार्थ · word by word
कल्प-अवसाने निखिलैः सुरैः स्वैः
at the end of the kalpa, with all his own godsकल्प के अन्त में अपने सब देवों सहित
संघट्टयामास निमेष-मात्रात्
crushed it together in the space of a winkनिमेष-मात्र में सब कुछ संहत कर दिया
यः तेजसा स्वेन ददाह भीमः
who, terrible, burned it with his own fireजिस भयंकर ने अपने तेज से जला दिया
विष्णु-आत्मकम् तम् तुरगम् भजामः
we worship that Horse who is Viṣṇu himselfविष्णु-रूप उस तुरग (कल्कि) को हम भजते हैं